कोई काम न नाट के चले संसार में हम सब किसी दिल को न ठेस पहुँचे गलती से भी किसी दिल कोई काम न नाट के चले संसार में हम सब किसी दिल को न ठेस पहुँचे गलती से भी ...
अधूरा पत्र अधूरा पत्र
मेरी हस्ती बहुत छोटी है एक तेरे जज़्बे से ही मैं हूँ मेरी हस्ती बहुत छोटी है एक तेरे जज़्बे से ही मैं हूँ
दिल तड़पता है और है बेचैन रुह । मैं प्रेम-दीपक जलाये चली आऊंगी ।। दिल तड़पता है और है बेचैन रुह । मैं प्रेम-दीपक जलाये चली आऊंगी ।।
जिसे सारी दुनिया कहती हैं किशन कन्हैया। जिसे सारी दुनिया कहती हैं किशन कन्हैया।
वो चिपकी मुझसे कुछ इस तरह कि कोई नदिया समन्दर में समा गई हो। वो चिपकी मुझसे कुछ इस तरह कि कोई नदिया समन्दर में समा गई हो।